भेड़ाघाट में नर्मदा के दोनों किनारों पर संगमरमर की ऊँची दीवारें हैं। जबलपुर जिला प्रशासन इनके सफेद और मटमैले रंग तथा पानी में पड़ते प्रतिबिंब का वर्णन करता है। नदी के बीच से दिखती यह घाटी चट्टान और पानी के रिश्ते का सबसे खुला दृश्य है; आसपास की जमीन में उसी नदी के पुराने रास्ते के निशान भी हैं।
भेड़ाघाट–लम्हेटाघाट को भारत ने 13 अप्रैल 2021 को UNESCO की संभावित विश्व धरोहर सूची के लिए प्रस्तुत किया था। उसके विवरण में धुआंधार से सरस्वतीघाट तक पुराने नदी-मार्ग का उल्लेख है। आज की मुख्य धारा से अलग इस रास्ते की पहचान कटाव के निशानों और जमा तलछट से की जाती है।
संगमरमर कैसे बना, नदी कहाँ मुड़ी
संगमरमर एक रूपांतरित चट्टान है। ताप, दबाव और धरती के भीतर होने वाली प्रक्रियाओं से पहले की चट्टान के खनिज और बनावट बदल जाते हैं। अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण के अनुसार, इस बदलाव में चट्टान पिघलती नहीं, ठोस अवस्था में उसकी बनावट बदलती है। भारत के प्रस्तुत विवरण में भेड़ाघाट के संगमरमर को चूना-पत्थर के रूपांतरण से बना बताया गया है।
घाटी की बनावट में चट्टान बनने और नदी का रास्ता बदलने की अलग-अलग कहानियाँ मिलती हैं। प्रस्तुत विवरण पुराने मार्ग को भूगर्भीय हलचलों से आए बदलाव से जोड़ता है। उसमें यह भी दर्ज है कि मानसून में नर्मदा का अतिरिक्त पानी इस छोड़े हुए रास्ते से फिर बह सकता है। इसलिए सूखा दिखाई देने वाला पुराना मार्ग भी नदी के भूगोल का हिस्सा है।
जीवाश्म और संभावित विश्व धरोहर सूची
भारतीय वन्यजीव संस्थान के 2024 के शोध-सार में लम्हेटाघाट की तलछटी परतों में डायनासोर के अंडों के समूहों के जीवाश्म दर्ज हैं। ये भेड़ाघाट की संगमरमरी चट्टानों से अलग भूवैज्ञानिक परतें हैं। इस इलाके की कहानी में वर्तमान नदी के साथ बहुत पुराने जीव-जगत का इतिहास भी शामिल है।
UNESCO की संभावित सूची में वे स्थल आते हैं जिन्हें कोई देश आगे विश्व धरोहर के लिए नामांकित करने पर विचार करता है। भेड़ाघाट–लम्हेटाघाट अभी इसी सूची में है; यह विश्व धरोहर का दर्जा मिलने के बराबर नहीं है। यहाँ की चट्टानें, पुराना नदी-मार्ग और जीवाश्म उस दावेदारी का आधार समझने में मदद करते हैं।
मुख्य बातें
- भेड़ाघाट में नर्मदा संगमरमर की ऊँची चट्टानों के बीच बहती है।
- भारत के प्रस्तुत विवरण में धुआंधार–सरस्वतीघाट के बीच नदी का पुराना मार्ग दर्ज है।
- भेड़ाघाट–लम्हेटाघाट 13 अप्रैल 2021 से भारत की UNESCO संभावित सूची में है; इसे विश्व धरोहर का दर्जा नहीं मिला है।
स्रोत और संदर्भ
- जबलपुर जिला प्रशासन, मध्यप्रदेश शासन · भेड़ाघाट (पृष्ठ संशोधित: 2026-09-03) ↗प्रकाशन-तिथि उपलब्ध नहीं
- भारत का स्थायी प्रतिनिधिमंडल; UNESCO World Heritage Centre पर प्रस्तुत विवरण · Bhedaghat-Lametaghat in Narmada Valley — Tentative List submission ↗13 अप्रैल 2021
- U.S. Geological Survey · What are metamorphic rocks? ↗प्रकाशन-तिथि उपलब्ध नहीं
- भारतीय वन्यजीव संस्थान / Deepika Saire · Where dinosaurs roamed and marble canyons shine — शोध-सार, 9–11 सितंबर 2024 का वार्षिक सेमिनार, पृष्ठ 39 ↗प्रकाशन-तिथि उपलब्ध नहीं
- UNESCO World Heritage Centre · Tentative Lists — प्रक्रिया और अर्थ ↗प्रकाशन-तिथि उपलब्ध नहीं
सार्वजनिक प्राथमिक स्रोतों पर आधारित संपादित लेख। स्रोत जाँच: 15 सितंबर 2026।



