इंजीनियरिंग का एक नमूना डॉक्टर के काम कैसे आएगा? आईआईटी इंदौर की नई स्वास्थ्यएक्सआर लैब इसी तरह की समस्याओं पर प्रयोग करने के लिए बनी है। आईआईटी दृष्टि सीपीएस फाउंडेशन ने 30 मार्च को मिमिक सेंटर में इसका उद्घाटन किया।
फाउंडेशन के विवरण में माइक्रोसॉफ्ट होलोलेंस 2, मेटा क्वेस्ट 3 और प्रो तथा एचटीसी वाइव प्रो शामिल हैं। शोधकर्ता इन उपकरणों से वास्तविक दृश्य में डिजिटल सामग्री जोड़ने और पूरी तरह आभासी अनुभव बनाने वाले नमूनों पर काम करेंगे।
संस्थान के अप्रैल अंक के अनुसार लैब स्काई गोल्ड ऐंड डायमंड्स के सीएसआर सहयोग से बनी है। संचालन मंडल के अध्यक्ष डॉ. के. सिवन और निदेशक प्रो. सुहास जोशी ने इसका उद्घाटन किया। काम की दिशा अस्पतालों से जुड़ी समस्याओं को इंजीनियरिंग के प्रयोगों में बदलना है।
विद्यार्थियों के लिए एआर/वीआर क्लब भी प्रस्तावित है। उसमें उपकरण चलाने और स्वास्थ्य से जुड़े अनुभव बनाने का अभ्यास होगा। लैब का गठन ऐसे नमूने तैयार करने की सुविधा देता है; उपचार का नतीजा उनके आगे के अध्ययन से तय होगा।
मुख्य बातें
- स्वास्थ्यएक्सआर लैब 30 मार्च को मिमिक सेंटर में खुली।
- होलोलेंस 2, मेटा क्वेस्ट और वाइव जैसे उपकरण उपलब्ध हैं।
- छात्र क्लब में उपकरण और नए अनुभव बनाने का अभ्यास प्रस्तावित है।
स्रोत और संदर्भ
- IIT इंदौर · POD Pulse Volume 2 Issue 5 — Inauguration of SwasthyaXR AR/VR Innovation Lab ↗प्रकाशन-तिथि उपलब्ध नहीं
- IITI DRISHTI CPS Foundation · SwasthyaXR AR/VR Innovation Lab inaugurated at IIT Indore ↗1 अप्रैल 2026
सार्वजनिक प्राथमिक स्रोतों पर आधारित संपादित लेख। स्रोत जाँच: 16 सितंबर 2026।



