स्वयं का रोजगार प्रारंभ करने और आजीविका के साधनों को मजबूत बनाने की दिशा में मंगलवार को आयोजित स्वरोजगार दिवस पर जिले के विभिन्न हितग्राहियों को शासन की स्वरोजगारमूलक योजनाओं से लाभान्वित किया गया। साप्ताहिक जनसुनवाई के साथ आयोजित कार्यक्रम में कलेक्टर डॉ. योगेश तुकाराम भरसट ने हितग्राहियों को ऋण स्वीकृति पत्र एवं डेमो चेक प्रदान किए और उनसे संवाद कर स्वरोजगार के माध्यम से अपनी आर्थिक गतिविधियों को आगे बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित किया।

कार्यक्रम में महिला स्व-सहायता समूहों, पशुपालन से जुड़े हितग्राही तथा छोटे व्यवसाय एवं पथ विक्रय से जुड़े हितग्राहियों को अलग-अलग योजनाओं के माध्यम से ऋण सहायता उपलब्ध कराई गई। कलेक्टर ने हितग्राहियों से प्राप्त वित्तीय सहायता का बेहतर उपयोग कर अपने व्यवसाय को आगे बढ़ाने तथा नियमित रूप से ऋण की किश्तों का भुगतान करने की बात कही।

मध्यप्रदेश डे-राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत महिला स्व-सहायता समूहों को आजीविका गतिविधियों के विस्तार के लिए बैंक ऋण से जोड़ा गया। इसमें रोशनी महिला बचत समूह को मध्यप्रदेश ग्रामीण बैंक के माध्यम से 6 लाख रुपये तथा ज्योति महिला बचत समूह को 8 लाख रुपये के डेमो चेक प्रदान किए गए।

पशुपालन को आय के साधन के रूप में विकसित करने के लिए आचार्य विद्यासागर गौसंवर्धन योजना के अंतर्गत श्री रामचंद्र नैमा निनामा को पंजाब नेशनल बैंक के माध्यम से 8 लाख 40 हजार रुपये का ऋण स्वीकृति पत्र प्रदान किया गया।

शहरी क्षेत्र में छोटे व्यवसाय एवं पथ विक्रेताओं को आर्थिक संबल प्रदान करने वाली प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के अंतर्गत भी हितग्राहियों को ऋण स्वीकृति पत्र सौंपे गए। योजना के तहत मंजू बसोड़, श्री रमेश गुंडिया, श्री विजय बसोड़ एवं श्री राहुल को स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, राजवाड़ा शाखा तथा रेखा भूरिया एवं श्री मनीष मेड़ा को पंजाब नेशनल बैंक के माध्यम से 15-15 हजार रुपये के ऋण स्वीकृति पत्र प्रदान किए गए।

कलेक्टर डॉ. भरसट ने कहा कि स्वरोजगार योजनाओं का वास्तविक उद्देश्य हितग्राहियों को आर्थिक गतिविधियों से जोड़कर उनकी आय के स्थायी साधन विकसित करना है। शासन द्वारा विभिन्न योजनाओं के माध्यम से वित्तीय सहायता एवं बैंक ऋण की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। हितग्राही इन अवसरों का लाभ लेकर अपने व्यवसाय को आगे बढ़ाएं तथा अपनी आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ करें।

उन्होंने विभागीय अधिकारियों एवं बैंक प्रतिनिधियों से कहा कि पात्र हितग्राहियों को योजना का लाभ प्राप्त करने में किसी प्रकार की अनावश्यक कठिनाई नहीं हो। ऋण प्रकरणों में विभाग और बैंक के बीच बेहतर समन्वय रखा जाए तथा पात्र प्रकरणों की स्वीकृति एवं ऋण वितरण की प्रक्रिया समयबद्ध रूप से पूरी की जाए।

इस अवसर पर महाप्रबंधक जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र सुश्री पिंकी डिंडोर, एलडीएम श्री गणेश कुमार सोनी, विभिन्न बैंकों के प्रतिनिधि तथा संबंधित विभागों के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।