क लेक्टर श्री सोमेश मिश्रा के मार्गदर्शन में मिशन शक्ति अंतर्गत बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ योजना के तहत गुरुवार को शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई), नर्मदापुरम में साइबर सुरक्षा, जेंडर इक्वलिटी, बाल सुरक्षा एवं बाल विवाह मुक्त भारत विषय पर संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया।

कार्यक्रम में संभागीय संयुक्त संचालक महिला एवं बाल विकास नर्मदापुरम संभाग श्रीमती तृप्ति त्रिपाठी, प्राचार्य शासकीय आईटीआई श्री सतीश मौर्य, परियोजना अधिकारी महिला एवं बाल विकास नर्मदापुरम शहरी श्रीमती प्रीति यादव, एसआई नर्मदापुरम श्री बंशज श्रीवास्तव, वन स्टॉप सेंटर प्रशासक श्रीमती प्रतिभा वाजपेयी, सर्व शिक्षा अभियान के ब्रांड एंबेसडर श्री मयंक तोमर, उदयन केयर संस्था भोपाल के श्री सागर तिवारी सहित आईटीआई में अध्ययनरत छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

बालक-बालिका को समान अवसर देकर आत्मनिर्भर बनाने पर जोर

संभागीय संयुक्त संचालक महिला एवं बाल विकास श्रीमती तृप्ति त्रिपाठी ने जिले के लिंगानुपात की जानकारी देते हुए कहा कि बालक और बालिकाओं को हर क्षेत्र में समान अवसर मिलना चाहिए। उन्होंने बालिकाओं को आत्मनिर्भर बनाने तथा समाज में बालिका सशक्तिकरण के लिए सकारात्मक वातावरण तैयार करने में सभी की सहभागिता पर जोर दिया। उन्होंने शासन द्वारा संचालित महिला एवं बालिका हितैषी योजनाओं लाड़ली लक्ष्मी योजना, लाड़ली बहना योजना एवं गांव की बेटी योजना सहित विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी और पात्र हितग्राहियों को इनका लाभ लेने के लिए प्रेरित किया।

लैंगिक समानता से बनेगा सुरक्षित और प्रगतिशील समाज

कार्यक्रम के प्रथम सत्र में विषय विशेषज्ञ श्री सागर तिवारी, उदयन केयर संस्था भोपाल ने समाज एवं कार्यस्थल पर लैंगिक समानता के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि महिलाओं, पुरुषों और सभी वर्गों को समान अवसर तथा सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। जेंडर आधारित भेदभाव को समाप्त किए बिना स्वस्थ और प्रगतिशील समाज का निर्माण संभव नहीं है। उन्होंने पीपीटी के माध्यम से प्रतिभागियों को लैंगिक समानता से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी।

साइबर अपराधों से बचाव के बताए उपाय

दूसरे सत्र में साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ एवं एसआई श्री बंशज श्रीवास्तव ने डिजिटल माध्यमों के सुरक्षित उपयोग के संबंध में छात्र-छात्राओं को व्यावहारिक जानकारी दी। उन्होंने सोशल मीडिया, ऑनलाइन धोखाधड़ी और साइबर बुलिंग से बचाव के लिए मजबूत पासवर्ड का उपयोग करने, टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन (2 FA) लागू करने तथा संदिग्ध लिंक पर क्लिक नहीं करने की सलाह दी।

उन्होंने महिलाओं के विरुद्ध होने वाले साइबर अपराधों, जैसे साइबर स्टॉकिंग एवं ब्लैकमेलिंग से बचाव के लिए उपलब्ध कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी। साथ ही साइबर अपराध की स्थिति में राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल cybercrime.gov.in के माध्यम से शिकायत दर्ज करने की प्रक्रिया भी समझाई।